टाटा समूह के पूर्व अध्यक्ष का निधन हो गया है। उन्होंने बुधवार की रात मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में 86 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। निधन से दो दिन पहले, सोमवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा किया था, जिसमें लिखा था, “धन्यवाद, आपने हमारे बारे में सोचा।”
रतन टाटा को अफवाहों को बंद करने के लिए क्यों करना पड़ा पोस्ट?
इस पोस्ट से पहले सोशल मीडिया, टीवी चैनलों और कई वेबसाइटों पर रतन टाटा को लेकर खबरें चल रही थीं, जिनमें कहा गया था कि बढ़े हुए ब्लड प्रेशर के कारण उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती किया गया है। दावा किया जा रहा था कि वह आईसीयू में हैं। इन अफवाहों का खंडन करने के लिए ही रतन टाटा ने अपना पोस्ट शेयर किया था।
https://x.com/RNTata2000/status/1843186838787526796?t=RsOz8_aT3ebS2As2_kPYvQ&s=19
रतन टाटा की पोस्ट में क्या था खास?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रतन टाटा ने पोस्ट करते हुए लिखा था, “मैं अपने स्वास्थ्य को लेकर फैली अफवाहों से परिचित हूं और सभी को यह बताना चाहता हूं कि ये दावे बिल्कुल गलत हैं। मेरी उम्र और उससे जुड़ी स्वास्थ्य परिस्थितियों के चलते मैं सिर्फ एक सामान्य चेक-अप करा रहा हूं। चिंता की कोई बात नहीं है। मैं अच्छे मूड में हूं और जनता व मीडिया से निवेदन करता हूं कि गलत जानकारी न फैलाएं।”
रतन टाटा ने मार्च 1991 में देश के सबसे बड़े औद्योगिक समूह, टाटा ग्रुप, के चेयरमैन के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने 2012 में इस पद से सेवानिवृत्ति ली, लेकिन इसके बाद भी टाटा संस, जो टाटा ग्रुप की प्रमुख कंपनी है, के मानद अध्यक्ष बने रहे। रतन टाटा को 2008 में भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान, पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया, जबकि इससे पहले, 2000 में उन्हें पद्म भूषण से नवाजा गया था।

